
बरसों बीत गए
तुम्हारे इंतज़ार में
आँखें तरस गई
तुम्हारी राह देखते हुए
यादें ताज़ा होती रही
हर पल आपकी याद में
वादे सताने लगे
आपकी गैर मौजूदगी में
साँसे थम सी गई
खबर आपकी न आने में...
A Journey of Life...
बरसों बीत गए
तुम्हारे इंतज़ार में
आँखें तरस गई
तुम्हारी राह देखते हुए
यादें ताज़ा होती रही
हर पल आपकी याद में
वादे सताने लगे
आपकी गैर मौजूदगी में
साँसे थम सी गई
खबर आपकी न आने में...
7 comments:
अंतिम पंक्तियाँ दिल को छू गयीं.... बहुत सुंदर कविता....
बेहद ही खुबसूरत और मनमोहक...
Hello Sanjay Bhaskar ji,
Thank you so much for your feedback.
Am glad having received such a beautiful compliment/comment from your end. Thanks again.
Pls stay tuned.
Best Regards,
Pravallika
अविस्मर्णीय कविता.......
इतने से शब्दों में ही पूरे जीवन की यात्रा कह दी......
कुंवर जी,
Hello Kunwarji,
Bahuth shukriya...
Best Regards,
Pravallika
बेह्तरीन
Hello Verma ji,
Dhanyavaad...
Best Regards,
Pravallika
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