Valentine

Tuesday, December 16, 2008

विनती करती हूँ …




मुम्किन नहीं हमें आप को भुलाना

ना मुम्किन ही तो है हमे आप के बिन जीना

आप इसे प्यार सम्झे या पागल पन

हम तोह कहेंगे यह है अपना पन

इज़हार करती हूँ कि आप हि मेरे सब है

इकरार करेंगे या नहीं जाने सिर्फ वोह रब है

विनती करती हूँ कि सदा आप हमारे साथ दो

वरना शायद यहीं हमरे ज़िन्दगी का आक्री रात हो

4 comments:

Unknown said...

आप इसे प्यार सम्झे या पागल पन
हम तोह कहेंगे यह है अपना पन...

Simply Great..A expression that comes
or i can say a feeling directly comes from the heart...

Good One..keep writing......

मोहन वशिष्‍ठ said...

इज़हार करती हूँ कि आप हि मेरे सब है
इकरार करेंगे या नहीं जाने सिर्फ वोह रब है

अच्‍छा लिखा है आपने ढेरो बधाई

Himanshu Pandey said...

विनती करती हूँ कि सदा आप हमारे साथ दो
वरना शायद यहीं हमरे ज़िन्दगी का आक्री रात हो

most appreciative lines. thanks.

Pravallika said...

Hello All,

Thank you so much for each one of you for the wonderful comments.

Keep visiting...


Pravallika

Lamhe

Valentine

Sun Zara - The Woman In My Life!