Valentine

Monday, September 29, 2008

तुम




साँसो में तुम हो, ख्वाबो में तुम हो,

दिल में तुम हो, धड़कन में तुम हो,

याँदों में तुम हो, वादों में तुम हो,

प्यार में तुम हो, दोस्ती में तुम हो,

रात में तुम हो, साथ में तुम हो,

मन में तुम हो, तन में तुम हो,

क्या कहूँ मै इस नादानगी कि,
कहीं भी देखूँ तुम हीं तुम हो ।

4 comments:

महेन्द्र मिश्र said...

bahut achchi lagi tum par tukabandi . badhai .

परमजीत सिहँ बाली said...

क्या बात है!!!

Pravallika said...

Hello,

Thanks a lot for the compliments...

Anonymous said...

बहुत खूब,
लिखती रहें,
सुभेक्षा

Lamhe

Valentine

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