Valentine

Tuesday, September 30, 2008

तमन्ना




कुछ खोने की तमन्ना है

कुछ पाने की तमन्ना है

कुछ देने की तमन्ना है

कुछ लेने की तमन्ना है

तुम से झगड़ने की तमन्ना है

तुम से बिचडने की तमन्ना है

तुम से जीतने की तमन्ना है

तुम से हारने की तमन्ना है


ये तमन्ना भी क्या चीज़ है जो तुमसे सदा मिलने की ही तमन्ना करती है।

2 comments:

Anonymous said...

बहुत खूब,
बस अब तमन्ना ही तमन्ना है.
मिलने और पाने की.

बधाई

Pravallika said...

Hi Rajneesh,

Thank you soo much...

Lamhe

Valentine

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